अवैध अफीम की खेती पर प्रशासन सख्त, संवेदनशील इलाकों की नियमित निगरानी के निर्देश
स्कूल-कॉलेजों में बनेंगे एंटी नारकोटिक क्लब, प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर भी रहेगी नजर
चतरा। जिले में अवैध अफीम की खेती और नशीले पदार्थों के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया है। बुधवार को चतरा समाहरणालय के सभाकक्ष में उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में नारकोटिक्स कंट्रोल समन्वय समिति (एनसीओआरडी) की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अफीम की अवैध खेती की रोकथाम से लेकर जागरूकता अभियान और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री तक के मामलों पर चर्चा की गई।
उपायुक्त ने पूर्व की बैठकों में दिए गए निर्देशों पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। इस दौरान जिले में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और विनष्टीकरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण पर जोर
उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, थाना प्रभारियों और वन विभाग के अधिकारियों को समन्वय बनाकर काम करने को कहा। अफीम की खेती के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में नियमित निरीक्षण करने और अवैध खेती में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिन क्षेत्रों में पूर्व में अफीम की अवैध खेती के मामले सामने आए हैं, वहां प्रशासन विशेष जागरूकता अभियान भी चलाएगा। ग्रामीणों को नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। प्रशासन का जोर स्थानीय लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण से जोड़ने पर है।
स्कूल-कॉलेजों में बनेंगे एंटी नारकोटिक क्लब
नशे के खिलाफ अभियान में छात्र-छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने की भी तैयारी है। उपायुक्त ने जिले के विद्यालयों और महाविद्यालयों में एंटी नारकोटिक क्लब के गठन का निर्देश दिया। शिक्षण संस्थानों में नुक्कड़ नाटक, पोस्टर-बैनर, संगोष्ठी और अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया है।
प्रतिबंधित इंजेक्शन और दवाओं की बिक्री पर निगरानी
बैठक में बिना चिकित्सकीय परामर्श-पत्र के प्रतिबंधित इंजेक्शन और दवाओं की बिक्री का मामला भी उठा। संबंधित अधिकारियों को ऐसी दवाओं की बिक्री पर प्रभावी निगरानी रखने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
वहीं कृषि विभाग को उर्वरक विक्रेताओं के निर्धारित अभिलेखों की नियमित जांच और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने को कहा गया है। बैठक में दिए गए निर्देशों का तय समय के भीतर अनुपालन कर संबंधित विभागों से प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को भी कहा गया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी, वन प्रमंडल पदाधिकारी उत्तरी राहुल मीणा, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, चतरा एसडीओ जहूर आलम, सिमरिया एसडीओ प्रदीप कुमार महतो, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सन्नी वर्धन, जिला परिवहन पदाधिकारी महेश्वरी प्रसाद यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद थे।
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