जिस गांव में था माओवाद का खौफ, उसी गांव का बेटा बना भारतीय सेना का जवान | Chatra News
एक समय था, जब चतरा जिले का कान्हाचट्टी प्रखंड स्थित जशपुर गांव माओवादियों के खौफ से कांपता था। शाम ढलते ही लोग घरों में कैद हो जाते थे और पुलिस की वर्दी देखकर भी ग्रामीण सहम जाते थे। लेकिन आज उसी गांव ने ऐसी मिसाल पेश की है, जिस पर पूरा जिला गर्व कर रहा है
कान्हाचट्टी प्रखंड के जशपुर गांव के गरीब किसान शंभू सिंह के बेटे मुकेंद्र खरवार ने भारतीय सेना में भर्ती होकर गांव और जिले का नाम रोशन किया है।
छह महीने की कठिन सैन्य ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जब मुकेंद्र अपने गांव लौटे, तो उनका स्वागत किसी नायक की तरह किया गया। गांव के लोगों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और देशभक्ति के नारों के बीच उनका भव्य स्वागत किया।मुकेंद्र की यह सफलता संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की मिसाल है। उनके पिता शंभू सिंह ने वर्षों तक बाहर रहकर मजदूरी की, ताकि परिवार का पालन-पोषण कर सकें और बच्चों के सपनों को टूटने न दें। परिवार की देश सेवा की भावना यहीं नहीं रुकती। मुकेंद्र के बड़े भाई मुकेश सिंह पहले से ही होमगार्ड में रहकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब दोनों भाई देश की सुरक्षा और सेवा से जुड़े हैं, जिससे पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है। जशपुर गांव की यह कहानी केवल एक युवक के सेना में भर्ती होने की नहीं है, बल्कि यह बदलाव की कहानी है। जिस गांव की पहचान कभी माओवाद के डर से होती थी, आज वही गांव देश की रक्षा के लिए जवान दे रहा है। यह साबित करता है कि अगर अवसर, मेहनत और हौसला साथ हो, तो हालात चाहे जैसे भी हों, मंजिल जरूर मिलती है। मुकेंद्र खरवार आज उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।
Voice of Chatra की ओर से भारतीय सेना के जवान मुकेंद्र खरवार को ढेरों शुभकामनाएं। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं और आशा करते हैं कि वे देश की सेवा करते हुए चतरा और झारखंड का नाम पूरे देश में रोशन करेंगे।