कठौतिया में धूमधाम से मना करमा महोत्सव, मांदर की थाप पर जमकर थिरके जिप उपाध्यक्ष बिरजू तिवारी
कान्हाचट्टी (चतरा)। मदगड़ा पंचायत के कठौतिया गांव में मंगलवार को प्रकृति और लोक आस्था से जुड़ा करमा पूजा प्राकृतिक पर्व महोत्सव पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ मनाया गया। करमा पर्व को लेकर गांव में सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा। शाम होते-होते पूरा आयोजन स्थल मांदर, ढोल-नगाड़ों और लोकगीतों की गूंज से गूंज उठा।
करम डाली की पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम
महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद उपाध्यक्ष ब्रजकिशोर उर्फ बिरजू तिवारी पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर कर्मव्रतियों और ग्रामीणों ने पारंपरिक स्वागत गीत गाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद आयोजन समिति की ओर से अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि बिरजू तिवारी ने विधिवत करम पेड़ की डाली की पूजा-अर्चना कर महोत्सव की शुरुआत की। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और पारंपरिक तरीके से करमा पर्व की रस्में पूरी की गईं।
मांदर की थाप पर ग्रामीणों के साथ झूमे बिरजू तिवारी
करमा महोत्सव में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। मांदर और ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीण युवक-युवतियां और महिलाएं पारंपरिक नृत्य करते नजर आए।

इसी दौरान जिप उपाध्यक्ष बिरजू तिवारी भी ग्रामीणों के बीच पहुंचे और मांदर की थाप पर उनके साथ जमकर थिरके। उन्हें ग्रामीणों के साथ नाचता देख कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। देर तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम में ग्रामीण पारंपरिक गीतों और नृत्य का आनंद लेते रहे।
प्रकृति और भाई-बहन के प्रेम का संदेश देता है करमा पर्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिप उपाध्यक्ष बिरजू तिवारी ने कहा कि करमा पर्व झारखंड की पहचान और समृद्ध लोक-संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व प्रकृति के प्रति सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और भाई-बहन के प्रेम व विश्वास का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि बदलते समय में अपनी पुरानी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखना बेहद जरूरी है। करमा पर्व लोगों को प्रकृति से जुड़ने और आपसी भाईचारे के साथ रहने की सीख देता है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को करमा पर्व की शुभकामनाएं दीं।
महोत्सव में मुखिया सुप्रिया कुमारी, पूर्व मुखिया योगेश यादव, मुखिया प्रतिनिधि रामरंजन साहू, आयोजन समिति के सदस्य दिलीप उरांव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए।
पूरे आयोजन के दौरान गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। पारंपरिक पूजा, गीत-संगीत और नृत्य के बीच लोगों ने करमा पर्व मनाया। कार्यक्रम ने गांव की लोक परंपरा, सांस्कृतिक एकता और आपसी सौहार्द की तस्वीर पेश की।
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