JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में भाजयुमो का धरना, निष्पक्ष जांच की मांग
चतरा। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में सामने आए कथित अनियमितताओं के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने शनिवार को चतरा में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजयुमो एवं भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का कहना है कि वे वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में यदि चयन प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो इससे युवाओं का मनोबल टूटता है और सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है।
युवाओं के भविष्य से जुड़ा है मामला
धरना को संबोधित करते हुए भाजयुमो जिलाध्यक्ष सुमन सौरभ ने कहा कि झारखंड के लाखों युवा दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कठोर सजा दिलानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो : डॉ. मृत्युंजय सिंह
भाजपा जिला महामंत्री डॉ. मृत्युंजय सिंह ने कहा कि सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी पहचान है। यदि भर्ती प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं तो सरकार की जिम्मेदारी है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाए।
उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि दोषियों को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण न मिले। सरकार को समयबद्ध तरीके से जांच पूरी कर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।
ज्ञापन सौंपकर की कार्रवाई की मांग
धरना-प्रदर्शन के बाद भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में JPSC परीक्षा से जुड़े कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में भाजपा एवं भाजयुमो के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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