सक्षम, सशक्त और भेदमुक्त हिन्दू समाज का निर्माण राष्ट्रीय आवश्यकता : अम्बरीष जी
रांची। विश्व हिन्दू परिषद, झारखंड प्रांत के तत्वावधान में रविवार को धुर्वा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सभागार में श्रद्धेय स्व. अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी समारोह का प्रथम प्रांत स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने अशोक सिंघल जी के जीवन, संघर्ष और हिन्दू समाज के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए उनके अधूरे संकल्पों को पूरा करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीराम दरबार एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मंत्री अम्बरीष जी ने कहा कि स्व. अशोक सिंघल जी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और हिन्दू समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति और श्रीराम सेतु की रक्षा जैसे उनके अनेक संकल्पों को देश ने साकार होते देखा है। उनके शेष संकल्पों को पूरा करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर आगे आना होगा।

उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल जी केवल श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक नहीं थे, बल्कि हिन्दू समाज के सांस्कृतिक जागरण के लिए निरंतर काम करने वाले व्यक्तित्व थे। धर्मांतरण के विरुद्ध जनजागरण, गोरक्षा, गंगा संरक्षण, वेद पाठशालाओं की स्थापना, एकल विद्यालय और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अम्बरीष जी ने कहा कि आज आवश्यकता ऐसे हिन्दू समाज के निर्माण की है, जो सक्षम, सशक्त, संगठित और भेदमुक्त हो। जातिगत एवं सामाजिक विभेद को समाप्त कर समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित करना ही अशोक सिंघल जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अशोक सिंघल जी का जीवन प्रेरणादायी : सच्चिदानंद लाल अग्रवाल
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, झारखंड प्रांत के संघचालक सच्चिदानंद लाल अग्रवाल ने कहा कि अशोक सिंघल जी ने हिन्दू समाज और राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका पूरा जीवन समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उनके विचार और कार्य आज भी समाज के लिए प्रेरणा देने वाले हैं।

संस्कारवान युवा पीढ़ी के निर्माण पर जोर
विशिष्ट अतिथि पद्मश्री महावीर नायक ने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों की भूमि रही है। गुरु-शिष्य परंपरा ने देश और समाज को ज्ञान एवं संस्कार दिए हैं। आज जरूरत है कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाया जाए।
विहिप झारखंड प्रांत के अध्यक्ष चन्द्रकांत रायपत ने हिन्दू समाज में सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज को जाति और वर्ग के भेद से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। मातृशक्ति और युवा शक्ति की समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका है।
झारखंड में रांची से हुआ पहला प्रांत स्तरीय आयोजन
विहिप झारखंड प्रांत के मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने बताया कि झारखंड में अशोक सिंघल जन्म शताब्दी समारोह की शुरुआत 27 सितंबर 2026 से हो चुकी है। देशभर में अब तक 47 से अधिक स्थानों पर जन्म शताब्दी समारोह के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। झारखंड में दुमका और रांची से समारोह का शुभारंभ किया जा रहा है। रांची में आयोजित कार्यक्रम राज्य का पहला प्रांत स्तरीय जन्म शताब्दी समारोह है।
कारसेवकों को किया गया सम्मानित
समारोह के दौरान श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कारसेवकों को सम्मानित किया गया। इस दौरान अशोक सिंघल जी के जीवन, संघर्ष, संगठन क्षमता और हिन्दू समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया गया।
कार्यक्रम को स्वामी श्री कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी सहित अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। समापन पूर्णता मंत्र और वंदे मातरम् के गायन के साथ हुआ।
कार्यक्रम में संकट मोचन हनुमान मंदिर के महंत स्वामी केशव महाराज, विहिप पटना एवं गुवाहाटी क्षेत्र के धर्माचार्य प्रमुख वीरेन्द्र बिमल, पटना क्षेत्र मंत्री डॉ. वीरेन्द्र साहू, विहिप झारखंड प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रांत सह मंत्री मनोज पोद्दार, प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन कुमार, सुनील गुप्ता, रामस्वरूप रूंगटा, डॉ. एच.पी. नारायण, स्वामी दिव्यानंद, पूर्व सांसद प्रो. यदुनाथ पांडेय, पूर्व संगठन मंत्री सुशील कुमार, आरएसएस के अनिल ठाकुर, विजय घोष, पवन मंत्री, अखिलेश्वर नाथ मिश्र, मातृशक्ति प्रमुख अनिमा पांडेय, दुर्गा वाहिनी संयोजिका कीर्ति गौरव, जुगल किशोर जी और रांची महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी सहित झारखंड के विभिन्न जिलों से आए विहिप के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन विहिप के प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रांची महानगर उपाध्यक्ष चंद्रदीप दुबे ने किया।
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