इटखोरी में निःशुल्क कावड़िया सेवा शिविर 30 जुलाई से शुरू, मां भद्रकाली सेवा संस्था ने की तैयारी
मां भद्रकाली सेवा संस्था लगाएगी निःशुल्क कावड़िया सेवा शिविर, तैयारियों को लेकर बैठक संपन्न
इटखोरी (चतरा): सावन माह में बाबा भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए आने वाले शिवभक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मां भद्रकाली सेवा संस्था ने इस वर्ष भी निःशुल्क कावड़िया सेवा शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसी उद्देश्य से मां भद्रकाली मंदिर परिसर में संस्था की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सेवा शिविर की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 30 जुलाई से 28 अगस्त तक पूरे सावन माह के दौरान कावड़ियों के लिए निःशुल्क सेवा शिविर संचालित किया जाएगा। शिविर में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, विश्राम, प्राथमिक उपचार सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है, ताकि यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
संस्था के अध्यक्ष सूरज सिंह ने कहा कि मां भद्रकाली सेवा संस्था पिछले कई वर्षों से श्रद्धालुओं की सेवा को अपना प्रमुख उद्देश्य मानकर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष हजारों की संख्या में शिवभक्त इस मार्ग से गुजरते हैं, इसलिए संस्था का प्रयास रहता है कि उन्हें बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में शिविर को और अधिक व्यवस्थित, आकर्षक एवं सुविधाजनक बनाया जाएगा।
बैठक के दौरान सेवा शिविर के सफल संचालन को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता, साफ-सफाई, स्वयंसेवकों की ड्यूटी तथा सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए सदस्यों के बीच जिम्मेदारियों का विभाजन किया गया। साथ ही सभी सदस्यों से समय पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आग्रह किया गया।
बैठक में संस्था के उपाध्यक्ष आदित्य पासवान, सचिव सह कलाकार निर्भय पाण्डेय, कोषाध्यक्ष धीरज चंद्रवंशी, मुख्य सलाहकार संतोष केसरी, संरक्षक कुंदन पासवान, मुख्य सदस्य राहुल पुनीत, प्रमोद पाण्डेय सहित संस्था के कई सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने शिविर को सफल बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
संस्था की ओर से क्षेत्रवासियों और सामाजिक संगठनों से भी अपील की गई कि वे इस पुण्य कार्य में सहयोग करें, ताकि सावन माह में आने वाले शिवभक्तों की सेवा और सुविधा को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। संस्था का मानना है कि श्रद्धालुओं की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और इसी भावना के साथ यह सेवा शिविर प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाता है।
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