शिला चौक से महाने नदी तक निकली भव्य जलयात्रा, 500 से अधिक श्रद्धालुओं ने अमगावा शिव मंदिर में किया जलाभिषेक
सिमरिया के शिला में अंतिम सोमवारी पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब
सुधीर कुमार | Voice Of Chatra
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा पूरा इलाका, विहिप, बजरंगदल और दुर्गा वाहिनी की रही सराहनीय भूमिका
सिमरिया (चतरा)। सावन की अंतिम सोमवारी पर सिमरिया प्रखंड के शिला गांव में भक्ति और आस्था का ऐसा माहौल देखने को मिला, जिसे देखने के लिए लोग रास्ते भर रुकते रहे। सुबह से ही गांव और आसपास के इलाकों में "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष गूंजने लगे। भगवा वस्त्र पहने शिवभक्तों की लंबी कतार और सिर पर कलश लिए महिलाओं की मौजूदगी ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत शिला चौक स्थित काली मंदिर से हुई। यहां पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने जलयात्रा प्रारंभ की। सभी शिवभक्त पैदल यात्रा करते हुए महाने नदी पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल कलश में भरा गया। इसके बाद सैकड़ों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जयघोष करते हुए पूरे उत्साह के साथ अमगावा शिव मंदिर पहुंचे, जहां विधिवत जलाभिषेक किया गया। जलाभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और हर कोई बाबा भोलेनाथ के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए उत्साहित दिखा।
500 से अधिक श्रद्धालुओं ने निभाई अपनी आस्था
आयोजकों के अनुसार इस धार्मिक यात्रा में 500 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसमें पुरुष, महिलाएं, युवा और बच्चों की भी अच्छी-खासी भागीदारी रही। रास्ते भर श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते रहे। गांव के लोगों ने भी जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत किया और यात्रा को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया।
विहिप ,बजरंगदल और दुर्गा वाहिनी ने संभाली व्यवस्था
पूरे आयोजन को सफल बनाने में विहिप बजरंगदल के युवाओं ने बढ़-चढ़कर जिम्मेदारी निभाई। कार्यक्रम में श्रीकांत कुमार, गुरुदेव कुमार, विशाल, कारण, नितीश, अतिश, सुमित, रौनक एवं शंकर लगातार व्यवस्था में जुटे रहे।

वहीं दुर्गा वाहिनी की ओर से खुशबू, गुंजन, पायल, लक्ष्मी, मुनमुन सहित अन्य बहनों ने जलयात्रा के दौरान महिलाओं की व्यवस्था, अनुशासन और सहयोग की जिम्मेदारी संभाली। सभी के सामूहिक प्रयास से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
श्रद्धा, अनुशासन और एकता की बनी मिसाल
अंतिम सोमवारी के अवसर पर निकली इस जलयात्रा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि शिला गांव में धार्मिक आयोजनों को लेकर लोगों में गहरी आस्था और एकजुटता है। पूरे मार्ग में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के भजन गाते हुए आगे बढ़ते रहे। मंदिर परिसर में जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने परिवार, गांव, समाज और देश की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए बाबा भोलेनाथ से सबके मंगल की प्रार्थना की।
सावन की अंतिम सोमवारी पर आयोजित यह भव्य जलयात्रा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। गांव के बुजुर्गों का कहना था कि हर वर्ष की तरह इस बार भी लोगों ने पूरे श्रद्धा-भाव से भाग लिया, जिससे धार्मिक परंपरा और सामाजिक एकता दोनों को नई मजबूती मिली।
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