हाईवा का पहिया थमा तो लोगों ने ली राहत की सांस, सड़कों पर कम हुआ खौफ
चतरा में हाईवा वाहनों का परिचालन बंद होने से लोगों ने ली राहत की सांस: हादसों के खौफ से मिली मुक्ति
जानलेवा रफ्तार से खौफ में थे लोग
चतरा और इसके आस-पास के क्षेत्रों में खनन और निर्माण कार्यों के चलते बड़ी संख्या में हाईवा और ट्रकों का परिचालन होता रहा है। इन भारी वाहनों की तेज रफ्तार और दिन-रात की लगातार आवाजाही ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया था। सड़कों पर दुर्घटनाओं का अंदेशा इस कदर बना रहता था कि स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों के बीच हमेशा भय का माहौल व्याप्त रहता था। सड़क पार करना या रोजमर्रा के घरेलू कार्यों के लिए घर से बाहर निकलना किसी जोखिम से कम नहीं था।
परिचालन रुकने से जीवन पटरी पर
भविष्य के लिए प्रशासन से सख्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग
नागरिकों ने प्रशासन के समक्ष कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं:
- सख्त गति सीमा: यदि भविष्य में हाईवा वाहनों का परिचालन दोबारा शुरू किया जाता है, तो आबादी वाले क्षेत्रों में इनकी गति सीमा सख्ती से निर्धारित की जाए।
- ओवरलोडिंग पर लगाम: क्षमता से अधिक माल ढोने वाले वाहनों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित हो।
- यातायात नियमों का कड़ाई से पालन: चौक-चौराहों पर नियमित पुलिस जांच हो ताकि बेतरतीब ड्राइविंग पर रोक लग सके।
- वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था: भारी वाहनों के संचालन के लिए ऐसी प्रभावी व्यवस्था या बायपास मार्ग बनाया जाए, जिससे शहर के भीतर आम लोगों की जान जोखिम में न पड़े।
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