हेमंत कैबिनेट के बड़े फैसले, चतरा समेत कई जिलों को विकास की सौगात
2 जुलाई की कैबिनेट बैठक में विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, प्रशासन और रोजगार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर
रांची । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 2 जुलाई 2026 को आयोजित झारखंड मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने सड़क अवसंरचना, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, प्रशासनिक सुधार, नई सेवा नियमावलियों, शिक्षा, जल संसाधन तथा धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं सहित अनेक विकास योजनाओं पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
सड़क निर्माण के क्षेत्र में कैबिनेट ने साहेबगंज, दुमका, चतरा, पाकुड़ और रांची सहित विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी। इनमें चतरा पथ प्रमंडल के अंतर्गत सिमरिया–टंडवा पथ (MDR-072) के 26.85 किलोमीटर मार्ग की राइडिंग क्वालिटी सुधार (IRQO) योजना के लिए 33 करोड़ 76 लाख 45 हजार 200 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी शामिल है। इसके अलावा साहेबगंज, दुमका, पाकुड़ और रांची की कई प्रमुख सड़क परियोजनाओं के चौड़ीकरण, पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण को भी मंजूरी दी गई।
स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य सरकार ने RIMS-2 की स्थापना के लिए 4,189 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। साथ ही परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए IIM रांची और XISS रांची को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विदेशी चिकित्सा स्नातकों (Foreign Medical Graduates) के राज्य चिकित्सा परिषद में निबंधन संबंधी प्रक्रिया में भी आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई।
शिक्षा के क्षेत्र में पेंसिया ट्राइबेकिर विश्वविद्यालय, चंदनकियारी (बोकारो) की स्थापना हेतु लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) जारी करने की स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट ने राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से झारखंड योजना सेवा नियमावली-2026, झारखंड राज्य निम्नवर्गीय लिपिक-सह-कम्प्यूटर संचालक सेवा संवर्ग नियमावली-2026 तथा झारखंड राज्य समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग नियमावली-2026 के गठन को भी मंजूरी दी। साथ ही नवनियुक्त सरकारी कर्मियों के लिए नियुक्ति के समय "निष्ठा एवं गोपनीयता की शपथ/प्रतिज्ञान" को अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने झारखंड लॉ ऑफिसर (एंगेजमेंट) नियमावली-2026 को भी स्वीकृति दी तथा प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के युक्तिसंगत पदस्थापन, विभागीय प्रोन्नति समिति से संबंधित प्रावधानों और राजभाषा विभाग के पूर्ववर्ती संकल्पों में संशोधन को भी मंजूरी प्रदान की।
जल संसाधन के क्षेत्र में बाणसागर परियोजना समझौते के अंतर्गत सोन नदी बेसिन में जल बंटवारे से जुड़े प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। वहीं श्रावणी मेला-2026 के सफल आयोजन के लिए 28 अस्थायी मेला ओपी और 19 अस्थायी यातायात ओपी के गठन को भी मंजूरी मिली।
इसके अतिरिक्त भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करने, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में भागीदारी तथा अन्य प्रशासनिक एवं विकास संबंधी प्रस्तावों पर भी कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान की।
राज्य सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाओं, प्रशासनिक दक्षता, उच्च शिक्षा और आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी तथा राज्य के समग्र विकास को नई गति प्राप्त होगी।
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