मनरेगा मजदूरी भुगतान में रिश्वत मांगना पड़ा भारी, टंडवा पंचायत के मुखिया की सभी शक्तियां निलंबित
मनरेगा योजना के तहत मजदूरों के मजदूरी भुगतान के लिए कथित रूप से रिश्वत मांगने के मामले में चतरा जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के आदेश पर प्रतापपुर प्रखंड अंतर्गत टंडवा ग्राम पंचायत के मुखिया रामकेश्वर यादव उर्फ किशोर यादव की मुखिया पद से संबंधित सभी शक्तियां, वित्तीय अधिकार सहित, तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई हैं।
जारी आदेश के अनुसार, मनरेगा मजदूरों से मजदूरी भुगतान के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत की जांच प्रतापपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) से कराई गई थी। जांच प्रतिवेदन में मुखिया द्वारा डीएससी (Digital Signature Certificate) बनाने के नाम पर पैसे लेने की बात स्वीकार किए जाने का उल्लेख किया गया है। इसे झारखंड पंचायत राज अधिनियम, 2001 की कंडिका 64(II) का उल्लंघन माना गया।
जिला प्रशासन ने मामले में मुखिया से स्पष्टीकरण भी मांगा था, लेकिन प्रस्तुत जवाब असंतोषजनक एवं अस्वीकार्य पाए जाने के बाद ग्रामीण विकास विभाग के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए मुखिया की सभी प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियां निलंबित कर दी गईं।
आदेश में यह भी कहा गया है कि अगले आदेश तक टंडवा पंचायत के उप मुखिया को पंचायत राज अधिनियम, 2001 की धारा 73(क)(II) के तहत वित्तीय अधिकार सहित मुखिया की सभी शक्तियां प्रदान की जाती हैं, ताकि पंचायत के कार्य बाधित न हों।
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