चतरा में नीति तारा पर अधिकारियों की कार्यशाला : अब रियल-टाइम डेटा से होगी विकास योजनाओं की निगरानी
उपायुक्त बोले- तकनीक और सटीक आंकड़ों के इस्तेमाल से विकास कार्यों में आएगी पारदर्शिता, जवाबदेही भी होगी मजबूत
चतरा। विकास योजनाओं की समीक्षा और निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में चतरा जिला प्रशासन लगातार तकनीक का सहारा ले रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में 'नीति तारा' विषय पर जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के लिए एक दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से योजनाओं की निगरानी, समीक्षा और बेहतर क्रियान्वयन की जानकारी देना था।
कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त रवि आनंद ने किया। उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था में डेटा आधारित निर्णय लेने की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नीति तारा जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म योजनाओं की वास्तविक प्रगति का आकलन करने, कमियों की पहचान करने और समय रहते सुधारात्मक कदम उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने बताया कि 'नीति तारा' (Toolkit for Analysis, Review and Action) नीति आयोग की एक डिजिटल पहल है, जिसे विशेष रूप से आकांक्षी जिलों एवं आकांक्षी प्रखंडों में विकास योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए तैयार किया गया है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न विभागों के आंकड़ों का विश्लेषण एक ही स्थान पर किया जा सकेगा, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया और अधिक सटीक तथा प्रभावी होगी।
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों को नीति तारा प्लेटफॉर्म के विभिन्न फीचर्स की जानकारी दी गई। इसमें रियल-टाइम डैशबोर्ड के जरिए योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, विभागवार प्रदर्शन का विश्लेषण, लक्ष्य निर्धारण, अंतर विश्लेषण (Gap Analysis), एआई आधारित बैठक कार्यवृत्त तैयार करने की सुविधा तथा परिणाम आधारित कार्ययोजना बनाने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल था।
उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस प्लेटफॉर्म का नियमित उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों का समय-समय पर विश्लेषण कर योजनाओं में आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लाभुकों तक पहुंच सके।
कार्यशाला में सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, नीति तारा के नोडल पदाधिकारी सह ईडीएम, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन का मानना है कि डिजिटल तकनीक और साक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने से विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी और आकांक्षी जिला चतरा के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
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