पंचमुखी चौक के पास लोहे की सीढ़ी निर्माण को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
सड़क की ओर लोहे का पाया लगाए जाने का ग्रामीणों ने जताया विरोध
पत्थलगड़ा। प्रखंड क्षेत्र के ग्राम सिंघानी स्थित पंचमुखी चौक के पास एक मकान की छत तक पहुंचने के लिए बनाई जा रही लोहे की सीढ़ी को लेकर गांव में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। सीढ़ी निर्माण को लेकर कुछ ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए स्थानीय प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि मकान की छत पर आने-जाने के लिए लोहे की सीढ़ी बनाई जा रही है, लेकिन निर्माण के दौरान सीढ़ी का एक हिस्सा सड़क की तरफ आने और सड़क की ओर लोहे का पाया लगाए जाने की बात सामने आई है। इसी को लेकर ग्रामीणों को आशंका है कि आने वाले दिनों में इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हो सकता है।
ग्रामीणों ने कहा- सार्वजनिक सड़क पर नहीं होना चाहिए किसी तरह का निर्माण
ग्रामीणों के अनुसार, पंचमुखी चौक के पास से होकर लोगों का लगातार आना-जाना रहता है। यह रास्ता स्थानीय लोगों के लिए सार्वजनिक आवागमन का महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में यदि सड़क की ओर लोहे का पाया या सीढ़ी का हिस्सा आता है, तो आगे चलकर राहगीरों को परेशानी हो सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि अभी यदि निर्माण की स्थिति स्पष्ट कर दी जाए तो भविष्य में विवाद की स्थिति से बचा जा सकता है। उनका मुख्य सवाल यही है कि सीढ़ी का निर्माण मकान की निजी जमीन की सीमा के अंदर हो रहा है या सड़क की जमीन की ओर बढ़ रहा है।
सम्मानित व्यक्ति होने के कारण कई ग्रामीण खुलकर नहीं बोल पा रहे
ग्रामीणों ने बताया कि जिस मकान में लोहे की सीढ़ी बनाई जा रही है, उसके मालिक सेवानिवृत्त शिक्षक नारायण राम दांगी गांव के सम्मानित व्यक्ति माने जाते हैं। इसी वजह से कई ग्रामीण इस मामले में खुलकर अपनी बात रखने से बच रहे हैं।
हालांकि, कुछ ग्रामीणों ने आगे आकर सड़क की ओर किए जा रहे निर्माण पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि व्यक्ति विशेष से किसी का विवाद नहीं है, बल्कि मामला सार्वजनिक रास्ते और भविष्य में होने वाली परेशानी से जुड़ा हुआ है।
ग्रामीणों की मांग- मौके पर पहुंचकर जमीन की सीमा की हो जांच
ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर यह देख लें कि निर्माण किस सीमा तक किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने रखी ये मांगें
- निर्माणाधीन लोहे की सीढ़ी की मौके पर जांच कराई जाए।
- मकान की निजी जमीन और सड़क की जमीन की सीमा स्पष्ट की जाए।
- सड़क की जमीन पर लोहे का पाया लगाए जाने की स्थिति की जांच हो।
- यदि सीढ़ी या उसका कोई हिस्सा सार्वजनिक सड़क की सीमा में पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- भविष्य में सड़क पर आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाए।
नारायण राम दांगी ने कहा- अपनी जमीन की सीमा के अंदर हो रहा निर्माण
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर नारायण राम दांगी से फोन पर बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनके मकान की छत तक पहुंचने के लिए लोहे की सीढ़ी का निर्माण कराया जा रहा है और यह निर्माण उनकी अपनी जमीन की सीमा के अंदर ही किया जा रहा है।
उन्होंने सड़क की जमीन पर निर्माण किए जाने की बात से अलग अपना पक्ष रखा। ऐसे में फिलहाल इस मामले में दोनों पक्षों की अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं।
जांच के बाद ही साफ होगी वास्तविक स्थिति
ग्रामीणों की शिकायत और मकान मालिक की ओर से दिए गए पक्ष के बाद अब पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्थानीय स्तर पर जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
यदि जांच में यह पाया जाता है कि सीढ़ी पूरी तरह निजी जमीन की सीमा के अंदर बनाई जा रही है, तो विवाद की स्थिति काफी हद तक साफ हो जाएगी। वहीं, यदि निर्माण का कोई हिस्सा सार्वजनिक सड़क की जमीन या आवागमन वाले हिस्से में आता है, तो प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग ग्रामीण कर रहे हैं।
फिलहाल जांच का इंतजार
पंचमुखी चौक के पास लोहे की सीढ़ी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन के बीच जांच का विषय बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मामला किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि सड़क की स्थिति और आम लोगों के आवागमन से जुड़ा है।
अब देखना होगा कि स्थानीय प्रशासन मौके पर जांच के बाद क्या स्थिति सामने रखता है और निर्माण को लेकर उठ रहे ग्रामीणों के सवालों का क्या समाधान निकलता है।
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