सिर्फ दो किमी दूर पत्थलगड़ा फिर भी 25 किमी दूर सिमरिया जाने को मजबूर ग्रामीण
सुविधा पास, व्यवस्था दूर: सात गांवों के लोगों ने प्रशासन से लगाई गुहार
पत्थलगड़ा (चतरा), 18 जुलाई। भौगोलिक रूप से पत्थलगड़ा प्रखंड मुख्यालय के बेहद करीब स्थित सात गांवों के ग्रामीण आज भी प्रशासनिक व्यवस्था के कारण परेशानियों का सामना कर रहे हैं। सिमरिया प्रखंड की सीमा से जुड़े गेडवा, तपसा, हांडे, उरुब, सिलहटी, हुडमुड और बारा गांव पत्थलगड़ा मुख्यालय से महज लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, लेकिन प्रशासनिक रूप से ये सभी गांव सिमरिया प्रखंड के अंतर्गत आते हैं, जिसका मुख्यालय करीब 25 किलोमीटर दूर है।
इस कारण ग्रामीणों को जाति, आय एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने, पेंशन, राशन कार्ड, बैंकिंग कार्य समेत अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए बार-बार सिमरिया का चक्कर लगाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटी-छोटी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए भी उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बरसात के दिनों में यह परेशानी और बढ़ जाती है। सड़क और आवागमन की कठिनाइयों के कारण कई बार जरूरी कार्य समय पर नहीं हो पाते। वहीं बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग लोगों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब पत्थलगड़ा प्रखंड मुख्यालय उनके गांवों से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, तो जनहित को देखते हुए इन गांवों को पत्थलगड़ा प्रखंड में शामिल किया जाना चाहिए। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी और लोगों का समय, धन तथा श्रम तीनों की बचत होगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी वर्षों पुरानी समस्या का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए इन सात गांवों को पत्थलगड़ा प्रखंड से जोड़ने की दिशा में आवश्यक पहल की जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक सेवाएं सुगमता से उपलब्ध हो सकें। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मांग नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से उठाई जा रही है और अब इसके स्थायी समाधान की आवश्यकता है।
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