भारत माता की आरती के साथ शुरू हुआ रक्षाबंधन का पर्व, चतरा SSB कैंप में बहनों ने जवानों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र
देश की रक्षा में जुटे जवानों के प्रति उमड़ा अपनापन, चतरा की बहनों ने कहा "आप हमारे जिले की सुरक्षा कर रहे हैं, हम आपकी सलामती की दुआ करते हैं"
चतरा: रक्षाबंधन का पावन पर्व इस वर्ष चतरा स्थित सशस्त्र सीमा बल (SSB) परिसर में राष्ट्रभक्ति, संस्कृति और भाई-बहन के अटूट प्रेम के साथ बड़े ही आत्मीय माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं विधिवत आरती के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने भारत माता का वंदन करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि की कामना की। "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम्" के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।
भारत माता की आरती के पश्चात चतरा की बहनों ने SSB के जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया। बहनों ने जवानों को तिलक लगाया, आरती उतारी, मिठाई खिलाई और उनके स्वस्थ, सुरक्षित एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। इस दौरान पूरा माहौल भावुक हो उठा।

बहनों ने कहा कि भले ही ये जवान अपने घर-परिवार से दूर हों, लेकिन चतरा की धरती पर तैनात होकर यहां के लोगों की सुरक्षा और शांति व्यवस्था में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में वे केवल SSB के जवान नहीं, बल्कि चतरा की हर बहन के भाई भी हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर उन्हें राखी बांधना हमारे लिए गर्व, सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक है।
जवानों ने भी इस स्नेह और सम्मान के लिए सभी बहनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के कारण हर बार परिवार के बीच रक्षाबंधन मनाने का अवसर नहीं मिल पाता, लेकिन चतरा की बहनों ने जिस अपनत्व के साथ रक्षा सूत्र बांधा, उससे परिवार की कमी काफी हद तक महसूस नहीं हुई। यह स्नेह उनके मनोबल को और मजबूत करता है तथा देशसेवा के प्रति उनका उत्साह बढ़ाता है।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, सुरक्षा और जिम्मेदारी का प्रतीक है। जिस प्रकार एक भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है, उसी प्रकार देश के जवान पूरे राष्ट्र की सुरक्षा का दायित्व निभा रहे हैं। ऐसे वीर जवानों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति, और मिठाई वितरण ने पूरे वातावरण को उत्साह और भावनाओं से भर दिया। जवानों और बहनों ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प भी दोहराया।
चतरा जैसे छोटे जिले में इस प्रकार का आयोजन लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। उपस्थित लोगों ने कहा कि सुरक्षा बलों और समाज के बीच इस तरह के कार्यक्रम आपसी विश्वास और आत्मीयता को मजबूत करते हैं। इससे जवानों को यह एहसास होता है कि वे अपने परिवार से दूर जरूर हैं, लेकिन पूरा समाज उनके साथ खड़ा है।
रक्षाबंधन के इस अनूठे आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि देश की रक्षा में तैनात जवान केवल अपने परिवार के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भाई हैं। चतरा की बहनों द्वारा बांधा गया यह रक्षा सूत्र केवल एक धागा नहीं, बल्कि सम्मान, विश्वास, कृतज्ञता और भारतीय संस्कृति की अमूल्य भावना का प्रतीक बन गया।
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Jawanon ki mukhya takat us Desh ke jagruk samaj se hoti hai,vah samaj jitna Desh bhakt hota hai utna manobala hamare jawan ka uncha hota hai.
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