देश की चुनौतियों के समाधान में समाज की भूमिका महत्वपूर्ण : अम्बरीष सिंह
मेदिनीनगर में प्रबुद्ध एवं गणमान्य नागरिकों के साथ विहिप के केंद्रीय मंत्री का संवाद; संस्कृति, संस्कार, शिक्षा और पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण पर दिया जोर
मेदिनीनगर। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय विशेष संपर्क प्रमुख एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता अम्बरीष सिंह ने कहा कि देश और समाज के सामने मौजूद चुनौतियों का समाधान केवल चर्चा से नहीं, बल्कि जागरूक और संस्कारित समाज की सक्रिय भूमिका से संभव है। अपनी संस्कृति, सभ्यता, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रति सजग रहना आज की आवश्यकता है।
राजा भाऊ स्मृति संघ भवन में विश्व हिंदू परिषद, पलामू की ओर से “देश की वर्तमान चुनौतियों के निवारण में हमारी भूमिका” विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में वे मेदिनीनगर के प्रबुद्ध एवं गणमान्य नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री अमित तिवारी ने किया, जबकि जिला पालक दामोदर मिश्र ने विषय प्रवेश कराते हुए देश के समक्ष विभिन्न चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार रखे।
“हमारे पूर्वजों ने कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और स्वाभिमान से समझौता नहीं किया”
मुख्य वक्ता अम्बरीष सिंह ने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियां गंभीर जरूर हैं, लेकिन हमारे पूर्वजों ने इससे भी कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने अनेक यातनाएं सहने के बावजूद अपने धर्म, संस्कृति और स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। यही कारण है कि हमारी सभ्यता और सांस्कृतिक पहचान आज भी जीवित है।
उन्होंने कहा, “स्वतंत्रता के 78 वर्ष बाद भी हमें अपने स्व और अपनी सांस्कृतिक पहचान के प्रति अधिक सजग होने की आवश्यकता है। सरदार पटेल द्वारा सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण केवल एक मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान की पुनर्प्रतिष्ठा का प्रतीक था।”
संस्कारविहीन शिक्षा समाज के लिए चिंता का विषय
अम्बरीष सिंह ने शिक्षा और सामाजिक जीवन में आ रहे बदलावों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डॉक्टर, इंजीनियर या अन्य पेशेवर तैयार करना नहीं होना चाहिए, बल्कि संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण भी होना चाहिए। “व्यक्ति कितना भी शिक्षित और सफल क्यों न हो, यदि उसके जीवन से संस्कार समाप्त हो जाएं तो उसका लाभ समाज को नहीं मिल सकता,” उन्होंने कहा।
उन्होंने पारिवारिक मूल्यों, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामाजिक संरचना में आ रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिकता के साथ अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ाव बनाए रखना जरूरी है। परिवार और समाज में संस्कारों की भूमिका को मजबूत करने के लिए सामूहिक चिंतन और प्रयास की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में विहिप के प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन कुमार, दामोदर मिश्र, कुमार गौरव, राजीव सिंह, शिव प्रकाश, उमेश अग्रवाल, अनामिका सिंह, महेंद्र नाथ, अमित तिवारी, विजय यादव, संतोष प्रसाद यादव सहित विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, राष्ट्रीय सेविका समिति, पूर्व सैनिक सेवा परिषद, गायत्री परिवार तथा विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस खबर को शेयर करें
1 अपनी राय दें (Comments)
jai sri ram