सड़क पर 'सफर' या जानलेवा 'सजा'? कान्हाचट्टी की दो लाइफलाइन सड़कें बनीं तालाब
कान्हाचट्टी (चतरा)। प्रखंड मुख्यालय को सुदूर ग्रामीण इलाकों से जोड़ने वाली दो प्रमुख सड़कें इन दिनों बदहाली का शिकार हैं। बैंगोकला पंचायत सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाले पोलपोल-बेलाटांड़ चिरिदिरि मार्ग और पोलपोल-तेतर मोड़ संपर्क पथ की स्थिति काफी खराब हो चुकी है।
सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। हल्की बारिश होते ही इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे राहगीरों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता। ग्रामीणों के अनुसार, इन रास्तों से होकर गुजरना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे
दोनों सड़कों पर कई जगह अलकतरा और गिट्टी पूरी तरह उखड़ चुकी है। सड़क पर एक से दो फीट तक गहरे गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी जमा होने से बाइक सवारों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्कूली बच्चों और किसानों को सबसे अधिक परेशानी
इन सड़कों से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर और अन्य ग्रामीण आवागमन करते हैं। खराब सड़क के कारण बाइक और साइकिल से आने-जाने वालों को विशेष परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार लोग गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क की स्थिति ऐसी हो गई है कि यह समझना मुश्किल है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों के बीच कहीं सड़क बची हुई है।
प्रखंड मुख्यालय से संपर्क प्रभावित होने की आशंका
पोलपोल से बेलाटांड़ चिरिदिरि और पोलपोल से तेतर मोड़ जाने वाले दोनों मार्ग आसपास के गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क सड़क हैं। सड़क की लगातार खराब होती स्थिति के कारण ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर ग्रामीणों में नाराजगी
सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
सड़क निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से दोनों सड़कों की स्थिति का जायजा लेकर जल्द से जल्द निर्माण अथवा मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने चक्का जाम और प्रखंड मुख्यालय का घेराव करने की चेतावनी भी दी है।
ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क की स्थिति की जांच कर जल्द आवश्यक कार्रवाई करे, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन की समस्या से राहत मिल सके।
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