नीट परीक्षा विवाद और जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में चतरा में छात्र झामुमो का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका
चतरा। नीट परीक्षा को लेकर देशभर में उठ रहे विवाद और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को छात्र झारखंड मुक्ति मोर्चा (छात्र झामुमो) ने चतरा में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र एवं कार्यकर्ता शहर के केसरी चौक पर एकत्र हुए। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा की मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र झामुमो के जिला अध्यक्ष नीलेश ग्यासेन ने किया। उन्होंने कहा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में शामिल नीट को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनका आरोप था कि कथित पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों मेहनती विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचाया है। वर्षों की तैयारी के बाद परीक्षा देने वाले छात्रों के मन में पूरी परीक्षा व्यवस्था को लेकर अविश्वास का माहौल बन गया है, जिसे दूर करना केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किए जाने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज़ सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
छात्र झामुमो नेताओं ने मांग की कि नीट परीक्षा से जुड़े सभी विवादों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जाए। यदि किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों का भविष्य इस पूरे घटनाक्रम से प्रभावित हुआ है, उनके हितों की रक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक पूरे मामले में स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं होती और छात्रों को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीर पहल नहीं की तो छात्र झामुमो चरणबद्ध तरीके से अपने आंदोलन को और व्यापक करेगा।
केसरी चौक पर हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए माहौल काफी गर्म रहा। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और बाद में कार्यकर्ता निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वहां से रवाना हो गए।
इस अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला कोषाध्यक्ष नितेश राणा, जिला प्रवक्ता सत्येंद्र मित्तल, युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष राहुल यादव, छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष रुपेश यादव, प्रखंड अध्यक्ष उपेंद्र राम, मिथिलेश यादव, कमलेश यादव, रामा पांडे, बबलू पासवान, छोटू कुमार, शुभम कुमार, गौतम पासवान, रॉकी यादव, चंदन यादव, धीरेंद्र सिंह, अखिलेश यादव, परमीत कुमार, लवकुश कुमार, अनुग्रह सिंह, मनोज कुमार सिंह, नीरज कुमार महतो, आकाश पांडे, राकेश यादव, संत राज यादव, संजीव कुमार, राजन पासवान, पप्पू यादव सहित संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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