चतरा के फांसी तालाब में गूंजी शहीदों की गाथा, जयमंगल पांडेय-नादिर अली खां को दी श्रद्धांजलि
अंग्रेजों ने 150 भारतीय सैनिकों को आम के पेड़ पर दी थी सामूहिक फांसी, सातवीं पीढ़ी के वंशज ने शहीदों को राष्ट्रीय पटल पर उचित सम्मान दिलाने की उठाई मांग
चतरा। चतरा के ऐतिहासिक फांसी तालाब परिसर में शनिवार, 4 अक्टूबर को शहीद जयमंगल पांडेय और नादिर अली खां की स्मृति में महा ब्राह्मण संघ, जिला चतरा की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न समाज के लोगों ने दोनों वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए चतरा के गौरवशाली स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को याद किया।
कार्यक्रम में शहीद जयमंगल पांडेय के सातवीं पीढ़ी के वंशज एवं झारखंड प्रदेश महा ब्राह्मण संघ के प्रदेश सलाहकार सच्चिदानंद पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान चतरा की धरती पर अंग्रेजी हुकूमत और भारतीय सैनिकों के बीच भीषण संघर्ष हुआ था। युद्ध के बाद अंग्रेजों ने जयमंगल पांडेय, नादिर अली खां समेत करीब 150 भारतीय सैनिकों को आम के पेड़ पर सामूहिक रूप से फांसी दी थी।
उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को चतरा की धरती पर अंग्रेजी सेना और भारतीय सैनिकों के बीच निर्णायक संघर्ष हुआ था। संघर्ष इतना भीषण था कि अंग्रेजों को रिजर्व बटालियन तक उतारनी पड़ी। जयमंगल पांडेय और नादिर अली खां ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अंग्रेजी सेना के 56 सैनिकों को मार गिराया। इसके बाद दोनों को 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया और 4 अक्टूबर को फांसी दे दी गई।
महा ब्राह्मण संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि चतरा का यह इतिहास केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण अध्याय है। इसके बावजूद फांसी तालाब और इससे जुड़े शहीदों की स्मृति को सरकारी स्तर पर अपेक्षित पहचान और संरक्षण नहीं मिल पाया है।
समाज के लोगों ने कहा कि हर वर्ष गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जबकि शहीद जयमंगल पांडेय और नादिर अली खां का शहादत दिवस 4 अक्टूबर को है। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से फांसी तालाब सहित चतरा के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण, विकास और व्यापक प्रचार-प्रसार की मांग की।

कार्यक्रम में कहा गया कि नई पीढ़ी को चतरा के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने की जरूरत है। इन वीर शहीदों की गाथा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए, ताकि देश की आजादी के लिए चतरा की धरती पर दिए गए बलिदान को आने वाली पीढ़ियां याद रख सकें।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में महा ब्राह्मण संघ जिला अध्यक्ष कन्हाई पांडेय, महासचिव विजेंद्र तिवारी, जिला संरक्षक ओमप्रकाश तिवारी, कोषाध्यक्ष उदय पांडेय, उपाध्यक्ष रवींद्र पांडेय, संजीवन पांडेय, योगेश तिवारी, अमित तिवारी समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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