ग्राम पंचायतों के सतत विकास की नींव है सशक्त GPDP, कान्हाचट्टी में दो दिवसीय वीएलई प्रशिक्षण संपन्न
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'मेरी पंचायत' ऐप, ग्राम सभा और नौ थीम आधारित विकास योजनाओं पर मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
चतरा/कान्हाचट्टी, 18 जुलाई। पंचायतों को आत्मनिर्भर और योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने की दिशा में कान्हाचट्टी स्थित डीपीआरसी भवन में ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) विषय पर आयोजित दो दिवसीय वीएलई (VLE) प्रशिक्षण शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न पंचायतों से आए वीएलई को ग्राम पंचायतों के समग्र विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।
17 और 18 जुलाई को आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) को प्रभावी ढंग से तैयार करना, ग्राम सभाओं की भूमिका को मजबूत बनाना तथा 'मेरी पंचायत' ऐप के बेहतर उपयोग के माध्यम से पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन को गति देना था।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर रवि कुमार, पुरुषोत्तम कुमार, नितेश सिंह, डीपीएम लौकेश कुमार, बीसी नेहाल वारसी, राजकिशोर एवं बैजनाथ ने प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण में GPDP, VPRP, ग्राम सभा की भूमिका, पंचायत की स्थायी समितियां, नौ थीम आधारित योजना निर्माण, फंड कन्वर्जेंस तथा 'मेरी पंचायत' ऐप के व्यावहारिक संचालन पर विशेष जोर दिया गया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) ने कहा कि ग्राम पंचायतों के सतत एवं समग्र विकास के लिए सटीक ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी से ही योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त सभी वीएलई से अपील की कि यहां प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने-अपने पंचायत क्षेत्र में करें और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रशिक्षण शिविर में जिले के सभी वीएलई ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने पंचायतों के चहुंमुखी विकास, पारदर्शी योजना निर्माण और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
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