विश्व आदिवासी दिवस: सायल बगीचा के मैदान में गूंजी मांदर की थाप, पूर्व मंत्री व प्रशासनिक अधिकारियों ने दिया एकजुटता का संदेश
कान्हाचट्टी। विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर रविवार को कान्हाचट्टी प्रखंड मुख्यालय स्थित सायल बगीचा मैदान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। मांदर और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच पारंपरिक लोकनृत्य ने समारोह में उत्साह भर दिया।
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज की एकता, शिक्षा, संस्कृति और जल-जंगल-जमीन के संरक्षण को लेकर वक्ताओं ने अपनी बातें रखीं।
शिबू सोरेन, बिरसा मुंडा और सिद्धू-कान्हू को दी श्रद्धांजलि
समारोह की शुरुआत दिशोम गुरु शिबू सोरेन, भगवान बिरसा मुंडा और सिद्धू-कान्हू के चित्र पर माल्यार्पण कर हुई। उपस्थित लोगों ने समाज के महान नायकों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद आदिवासी समाज के वीर योद्धाओं और उनके संघर्ष की गाथाओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम का संचालन सिकन्दर खेरवार ने किया। अपनी प्रभावशाली संचालन शैली से उन्होंने कार्यक्रम को लगातार जोड़े रखा।
शिक्षा और एकजुटता पर पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने दिया जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं है, बल्कि अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों को सुरक्षित रखने का संकल्प लेने का अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और समाज की एकजुटता ही विकास का मजबूत आधार है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ नई पीढ़ी को शिक्षा से जोड़ने की जरूरत पर भी जोर दिया।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील
समारोह को संबोधित करते हुए एसडीओ जहूर आलम और अंचलाधिकारी मनोज गोप ने लोगों से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। अधिकारियों ने शिक्षा को लेकर भी जागरूक रहने की बात कही।
वहीं प्रखंड प्रमुख इंदु देवी ने महिलाओं और युवाओं से आगे आकर समाज के विकास में अपनी भागीदारी निभाने की अपील की।
पूर्व मुखिया बैजनाथ सिंह भोक्ता और शिक्षक नरेश खैरवार ने भी जल-जंगल-जमीन की रक्षा तथा युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर अपनी बातें रखीं।
स्थानीय पत्रकारों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से सामने रखने और लगातार स्थानीय स्तर की खबरों को लोगों तक पहुंचाने वाले पत्रकारों को पारंपरिक आदिवासी गमछा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर क्षेत्र से पहुंचे स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीणों ने पारंपरिक गीत-संगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत किए। मांदर की थाप पर हुए नृत्य से सायल बगीचा का पूरा मैदान उत्सव के रंग में नजर आया।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
कार्यक्रम में राजद प्रखंड अध्यक्ष मो. शेरशाह, झामुमो अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह, सोनू खान, जगदीश दांगी, अशोक दांगी सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में दिलीप उरांव, डॉ. प्यारे लाल भोक्ता, महेंद्र बांडों, रंथ उरांव समेत कई लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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