विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस: सिमरिया में फल्गु नदी उद्गम स्थल पर चला स्वच्छता और वृक्षारोपण का विशेष अभियान
संवाददाता: सुधीर कुमार | चतरा (वॉइस ऑफ चतरा)
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस (28 जुलाई) के अवसर पर चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड में पर्यावरण के प्रति एक शानदार और सकारात्मक पहल देखने को मिली। नमामि गंगे योजना और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (नई दिल्ली) के त्रैमासिक प्रचार-प्रसार अभियान के तहत, सिमरिया के सबानो पंचायत स्थित ऐतिहासिक फल्गु नदी के उद्गम स्थल पर स्वच्छता, वृक्षारोपण और जन-जागरूकता रैली का भव्य आयोजन किया गया।
इस विशेष कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, स्कूली छात्राओं और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रकृति को बचाने का संकल्प लिया।
साफ-सफाई से हुई अभियान की शानदार शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ सबानो पंचायत के जागरूक ग्रामीणों और फल्गु नदी उद्गम समिति के सदस्यों द्वारा उद्गम स्थल की साफ-सफाई के साथ हुआ। इस स्वच्छता अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपना श्रमदान दिया। सभी ने मिलकर नदी के आसपास जमा कचरे को पूरी तरह से हटाया और आम जनमानस को यह कड़ा संदेश दिया कि नदियों को स्वच्छ रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं ने निकाली जागरूकता रैली
पर्यावरण संरक्षण का संदेश घर-घर तक पहुंचाने के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, सिमरिया की छात्राओं ने एक विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली। यह रैली विद्यालय परिसर से शुरू होकर फल्गु नदी के उद्गम स्थल तक गई। हाथों में तख्तियां लिए छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ओजस्वी नारे लगाए। उन्होंने रास्ते में मिलने वाले लोगों को पेड़-पौधे लगाने और नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए प्रेरित किया।
सामूहिक वृक्षारोपण और बीडीओ का प्रेरक संबोधन
जागरूकता रैली के समापन के बाद फल्गु नदी उद्गम स्थल पर उपस्थित ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और छात्राओं ने मिलकर बड़े पैमाने पर सामूहिक वृक्षारोपण किया।
इसके पश्चात, सिमरिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) चंद्रदेव प्रसाद ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण संरक्षण को पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभाने की शपथ दिलाई। सतत विकास की अवधारणा पर जोर देते हुए बीडीओ ने कहा, "प्रकृति का संरक्षण ही हमारे जीवन का मुख्य आधार है।"
उन्होंने सभी से भावुक अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। इसके साथ ही अपने परिवार, विद्यालय, कार्यस्थल और समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। बीडीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि नमामि गंगे योजना का मुख्य उद्देश्य केवल नदियों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जन-जन को प्रकृति के प्रति जवाबदेह और जिम्मेदार बनाना है।
कार्यक्रम में इन गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस सफल आयोजन में सिमरिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद, प्रमुख रोहन साहू, जिला परिषद सदस्य देवनंदन साहू, सबानो पंचायत के मुखिया नरेश साहू सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इसके अलावा विभिन्न महिला समूहों की सदस्याएं, प्रशासनिक कर्मी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के इस त्रैमासिक अभियान (जुलाई 2026 से सितंबर 2026) के तहत आने वाले दिनों में भी सिमरिया प्रखंड में स्वच्छता, जागरूकता और वृक्षारोपण से जुड़े कई अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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