अयोध्या राम मंदिर में दान व्यवस्था हुई और पारदर्शी, ऑनलाइन दान पर तुरंत मिलेगी डिजिटल रसीद
संवाददाता: सुधीर कुमार | वॉइस ऑफ चतरा
श्रद्धालुओं की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में ट्रस्ट की नई पहल
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में दान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नई डिजिटल प्रणाली लागू की है। अब ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन दान करने वाले श्रद्धालुओं को भुगतान पूरा होते ही डिजिटल रसीद उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक दान का डिजिटल रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि दान प्रक्रिया का व्यवस्थित लेखा-जोखा बनाए रखा जा सके।
हाल के दिनों में दान व्यवस्था को लेकर उठी चर्चाओं के बीच ट्रस्ट की इस पहल को पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ट्रस्ट का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और भरोसेमंद दान प्रणाली उपलब्ध कराना है।
ऑनलाइन दान करने पर तुरंत मिलेगा प्रमाण
नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध Donation सेक्शन के माध्यम से ऑनलाइन दान कर सकेंगे। भुगतान सफल होने के बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर अथवा ई-मेल पर तत्काल डिजिटल रसीद भेजी जाएगी। इससे श्रद्धालुओं के पास अपने दान का प्रमाण सुरक्षित रहेगा और भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग भी किया जा सकेगा।
ट्रस्ट के अनुसार प्रत्येक ऑनलाइन लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे दान प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके।
ऑफलाइन दान करने वालों के लिए भी रसीद की व्यवस्था
राम मंदिर आने वाले अनेक श्रद्धालु आज भी मंदिर परिसर में नकद दान करना पसंद करते हैं। ट्रस्ट ने ऐसे श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा है। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई श्रद्धालु नकद दान के बाद रसीद चाहता है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रसीद उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से किए गए दान का रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित रहेगा।
पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ेगा श्रद्धालुओं का विश्वास
धार्मिक संस्थानों में डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग को प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दान प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से लेखा-जोखा अधिक व्यवस्थित होता है और श्रद्धालुओं का विश्वास भी मजबूत होता है। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर रिकॉर्ड का सत्यापन करना भी आसान हो जाता है।
राम मंदिर देश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और दान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में आधुनिक और पारदर्शी व्यवस्था लागू होने से लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
आधिकारिक वेबसाइट से ही करें दान
ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि ऑनलाइन दान केवल श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही करें। किसी अनधिकृत लिंक, सोशल मीडिया पोस्ट या अन्य माध्यम से भुगतान करने से बचें। आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करने पर दान का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है और डिजिटल रसीद भी तुरंत प्राप्त होती है।
दान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की यह पहल न केवल श्रद्धालुओं का भरोसा मजबूत करेगी, बल्कि भविष्य में धार्मिक संस्थानों में डिजिटल प्रबंधन को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित हो सकती है।
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