खनन क्षेत्र की समस्याओं और सड़क हादसों को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री से मिले रविंद्र तिवारी
नई दिल्ली में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के सदस्य रविंद्र तिवारी ने केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री आदरणीय सतीश चंद्र दुबे जी से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की।
इस दौरान खनन क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण और सीधे तौर पर आम लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। खासकर भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित नए माइन्स एंड मिनरल्स एक्ट में होने वाले संशोधन से जुड़े विभिन्न विषयों तथा खनन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के हितों को लेकर अपनी बातें रखी गईं।
मुलाकात के दौरान इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया कि खनन गतिविधियों से प्रभावित आम नागरिकों की समस्याओं को केवल विकास के नजरिए से नहीं, बल्कि मानवीय और जनहित के नजरिए से भी देखा जाना चाहिए। जमीन, रोजगार, आवागमन और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी परेशानियों का उचित समाधान होना जरूरी है।
वहीं खनन पदार्थों की ढुलाई में लगे भारी वाहनों के कारण सड़कों पर बढ़ रही दुर्घटनाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कई क्षेत्रों में लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है और इसका खामियाजा आम राहगीरों एवं स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
रविंद्र तिवारी ने इस दौरान खनन पदार्थों के सुरक्षित परिवहन, सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही खनन प्रभावित लोगों को राहत देने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर समन्वय की बात भी रखी।
केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे जी ने सभी विषयों को गंभीरता से सुना और जनहित से जुड़े मामलों पर विभागीय स्तर पर संवेदनशीलता के साथ सकारात्मक पहल किए जाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई की दिशा में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
मुलाकात में यह स्पष्ट रहा कि खनन से विकास के साथ आम जनता की सुरक्षा और हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और खनन प्रभावित लोगों को राहत दिलाना दोनों ही विषयों पर आगे भी गंभीरता से पहल की जरूरत है।
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