टंडवा में नो-एंट्री तोड़ने वाले कोयला वाहनों पर प्रशासन का शिकंजा, भारी वाहनों की मनमानी पर सख्त हुए सीओ
ग्रामीण रास्तों से कोयला वाहन दौड़ाने का मामला, एक चालक वाहन छोड़कर फरार; दो हाइवा चालकों पर प्राथमिकी की कार्रवाई शुरू
चतरा/टंडवा। टंडवा कोयलांचल में नो-एंट्री और निर्धारित रूट को ठेंगा दिखाकर ग्रामीण सड़कों पर भारी कोयला वाहन दौड़ाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। सोमवार को क्षेत्र भ्रमण पर निकले टंडवा के अंचल अधिकारी गौरव कुमार राय ने नियमों की अनदेखी कर ग्रामीण रास्तों से गुजर रहे कोयला वाहनों को पकड़ा। कार्रवाई के दौरान एक वाहन का चालक गाड़ी छोड़कर फरार हो गया, जबकि दो अन्य कोयला लोड हाइवा के चालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की पहल की गई है।
बताया जा रहा है कि दोपहर करीब डेढ़ बजे अंचल अधिकारी क्षेत्र भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान पकरी बरवाडीह माइनिंग से जुड़ा वाहन संख्या JH02BL-4409 निर्धारित मार्ग से हटकर दुटीलावा-सिमरिया ग्रामीण रास्ते से मिश्रोल की ओर जाता दिखाई दिया। वाहन को रोकने पर चालक मौके से गाड़ी छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद वाहन की जांच की गई और संबंधित कागजात जब्त कर लिए गए।
नो-एंट्री में तेज रफ्तार हाइवा, रोकने पर भी नहीं माने चालक
इसी दौरान कोयला लोड भारी वाहनों से जुड़ा एक और मामला सामने आया। वाहन संख्या JH02BM-6260 और JH02BM-7352 नो-एंट्री के बावजूद निर्धारित मार्ग छोड़कर ग्रामीण रास्ते से गुजर रहे थे। आरोप है कि वाहनों को रोकने का प्रयास किए जाने के बावजूद चालक तेज रफ्तार और लापरवाही के साथ आगे निकलने की कोशिश करते रहे।
टंडवा और सिमरिया क्षेत्र में महीनों से नो-एंट्री व्यवस्था लागू है। इसके बावजूद भारी कोयला वाहनों के ग्रामीण रास्तों से परिचालन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में खुद क्षेत्र भ्रमण के दौरान अंचल अधिकारी के सामने नियमों की अनदेखी का मामला आने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
आखिर किसके भरोसे ग्रामीण रास्तों पर दौड़ रहे भारी वाहन?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि नो-एंट्री लागू होने और भारी वाहनों के लिए मार्ग निर्धारित होने के बावजूद कोयला लोड हाइवा ग्रामीण सड़कों तक कैसे पहुंच रहे हैं? संकरी ग्रामीण सड़कों पर तेज रफ्तार भारी वाहनों का परिचालन केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।
स्कूल जाने वाले बच्चे हों, बाइक सवार हों या पैदल चलने वाले ग्रामीण भारी वाहनों की थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वहीं ग्रामीण सड़कों से लगातार भारी वाहनों के गुजरने से सड़क और स्थानीय यातायात व्यवस्था पर भी दबाव पड़ता है।
अंचल अधिकारी की कार्रवाई के बाद अब संबंधित वाहनों और चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन के इस रुख से साफ है कि नो-एंट्री तोड़कर ग्रामीण रास्तों को कोयला वाहनों का वैकल्पिक रूट बनाने की कोशिश करने वालों पर अब शिकंजा कस सकता है।
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