ट्रेन में दोस्ती पड़ी भारी: पेड़ा खिलाकर मजदूर को किया बेहोश, मेहनत की कमाई के ₹2.37 लाख भी उड़ाए
तमिलनाडु से घर लौट रहा था हंटरगंज का प्रवासी मजदूर, रांची के आसपास नशाखुरानी गिरोह का शिकार होने का आरोप
हंटरगंज (चतरा)। रोजी-रोटी की तलाश में घर-परिवार से सैकड़ों किलोमीटर दूर जाकर मेहनत करने वाला एक मजदूर जब छुट्टी लेकर अपने घर लौट रहा था, तो उसे क्या पता था कि सफर के दौरान हुई एक अनजान दोस्ती उसकी वर्षों की मेहनत पर भारी पड़ जाएगी। हंटरगंज थाना क्षेत्र के झीकटिया गांव निवासी प्रवासी मजदूर उमेश यादव ट्रेन यात्रा के दौरान कथित रूप से नशाखुरानी गिरोह का शिकार हो गया। आरोप है कि बदमाशों ने पहले बातचीत कर उसका भरोसा जीता, फिर पेड़ा खिलाकर उसे बेहोश कर दिया और उसके खाते से करीब ₹2.37 लाख निकाल लिए।
पीड़ित के अनुसार, वह तमिलनाडु में मजदूरी करता है और छुट्टी लेकर अपने घर लौट रहा था। रांची के आसपास ट्रेन में सफर के दौरान कुछ युवकों ने उससे बातचीत शुरू की। सफर की सामान्य बातचीत धीरे-धीरे जान-पहचान में बदल गई और कथित तौर पर उन्हीं लोगों ने उसे खाने के लिए पेड़ा दिया। पेड़ा खाने के बाद वह बेहोश हो गया।
आरोप है कि बेहोशी की हालत में बदमाश उसका मोबाइल फोन, करीब दो हजार रुपये नकद और अन्य सामान ले गए। इतना ही नहीं, कथित तौर पर एटीएम पिन और यूपीआई से जुड़ी जानकारी हासिल कर उसकी पत्नी के बैंक खाते से करीब ₹2.37 लाख की निकासी भी कर ली गई।
बताया जा रहा है कि बदमाश बेहोशी की हालत में ही युवक को रांची से एक बस में बैठाकर फरार हो गए। चतरा पहुंचने के बाद भी युवक सामान्य स्थिति में नहीं था। एक बस खलासी ने इसकी सूचना उसके परिजनों को दी, जिसके बाद परिवार के लोग उसे हंटरगंज के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है।
सिर्फ रुपये नहीं लुटे, एक परिवार की मेहनत और भरोसे पर भी चोट
इस घटना में नुकसान केवल ₹2.37 लाख का नहीं है। उस रकम के पीछे एक मजदूर की अनगिनत दिनों की मेहनत, परिवार से दूरी, भविष्य की उम्मीदें और घर की जरूरतें जुड़ी थीं। जब परिवार को यह पता चला होगा कि मेहनत से जोड़ी गई उनकी जमा-पूंजी कुछ लोगों ने छल और विश्वासघात से निकाल ली, उस पीड़ा का अंदाजा लगाना भी कठिन है।
पैसों का लालच जब इंसान की संवेदनाओं पर हावी हो जाता है, तब ऐसी घटनाएं समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े करती हैं। सफर में किसी से बातचीत करना गलत नहीं, लेकिन अनजान व्यक्ति पर आंख बंद कर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है।
यात्रियों के लिए जरूरी संदेश
ट्रेन, बस या किसी भी सार्वजनिक यात्रा के दौरान अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की वस्तु स्वीकार न करें। अपनी एटीएम पिन, यूपीआई पिन, ओटीपी और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। दोस्ती और भरोसा सोच-समझकर करें, क्योंकि कुछ मिनटों की असावधानी वर्षों की मेहनत पर भारी पड़ सकती है।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें आपकी सावधानी ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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