कान्हाचट्टी में बड़ी चोरी: रामनगर उच्च विद्यालय का ताला तोड़ लाखों की संपत्ति ले उड़े चोर, स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर भी किए पार
सीसीटीवी कैमरे उखाड़े, पुस्तकालय में तोड़फोड़, डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को पहुंचा बड़ा झटका
कान्हाचट्टी, 31 जुलाई। चतरा जिले के कान्हाचट्टी प्रखंड अंतर्गत राजपुर थाना क्षेत्र की चिरीदिरी पंचायत स्थित रामनगर उच्च विद्यालय में गुरुवार देर रात चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बेखौफ बदमाशों ने विद्यालय के मुख्य गेट और कार्यालयों के ताले तोड़कर लाखों रुपये मूल्य के सरकारी उपकरण और शैक्षणिक संसाधन चोरी कर लिए। चोरी के बाद विद्यालय परिसर में कई जगह तोड़फोड़ भी की गई, जिससे पूरे स्कूल का माहौल अस्त-व्यस्त हो गया।
सुबह जब विद्यालय के शिक्षक सुजीत कुमार राम स्कूल पहुंचे तो मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर प्रवेश करने पर कार्यालय समेत कई कमरों के ताले टूटे पाए गए। कमरों में रखे सामान बिखरे पड़े थे और कई महत्वपूर्ण उपकरण गायब थे। इसके बाद तत्काल विद्यालय प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी गई।
कंप्यूटर, प्रोजेक्टर और सोलर सिस्टम भी ले गए चोर
प्राथमिक जांच में पता चला कि चोर विद्यालय से चार कंप्यूटर सेट, दो स्मार्ट क्लास प्रोजेक्टर, सीसीटीवी कैमरे का पूरा सिस्टम, इनवर्टर और सोलर बैटरी अपने साथ ले गए। इतना ही नहीं, पुस्तकालय कक्ष में घुसकर अलमारी और अन्य सामानों के साथ भी तोड़फोड़ की गई। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि चोरी गए सामानों की कीमत लाखों रुपये में है।
विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे भी चोर अपने साथ ले गए, जिससे उनकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन सकता है। हालांकि पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे अन्य कैमरों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर सुराग जुटाने में लगी है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही राजपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार राय पुलिस बल के साथ विद्यालय पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। विद्यालय परिसर से कुछ साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालय प्रबंधन ने जताई चिंता
विद्यालय के प्राचार्य सुजीत कुमार ने कहा कि सरकारी विद्यालयों को लगातार निशाना बनाए जाने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। जिन संसाधनों को तैयार करने में वर्षों लगते हैं, उन्हें असामाजिक तत्व कुछ ही मिनटों में नुकसान पहुंचा देते हैं। उन्होंने प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
बच्चों की पढ़ाई पर क्या पड़ेगा असर?
इस चोरी का सबसे बड़ा असर विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर पड़ने की आशंका है। स्मार्ट क्लास के लिए लगाए गए प्रोजेक्टर और कंप्यूटर चोरी हो जाने से डिजिटल माध्यम से होने वाली पढ़ाई फिलहाल प्रभावित होगी। जिन छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा, ऑनलाइन सामग्री और प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाया जाता था, उन्हें अब पारंपरिक तरीके से पढ़ाई करनी पड़ेगी।
पुस्तकालय में हुई तोड़फोड़ से विद्यार्थियों के अध्ययन संसाधनों को भी नुकसान पहुंचा है। इससे नियमित अध्ययन व्यवस्था बाधित हो सकती है। यदि जल्द नए उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए तो बच्चों की तकनीकी शिक्षा और सीखने की प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद क्षेत्र में विद्यालयों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में महंगे कंप्यूटर, प्रोजेक्टर और अन्य डिजिटल उपकरण लगाए जा रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में रात के समय चोरी की घटनाएं बढ़ने का खतरा बना रहता है। लोगों ने विद्यालयों में नियमित रात्रि गश्त, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी निगरानी की मांग की है।
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