चतरा: मॉब लिंचिंग और कथित दुष्कर्म मामले पर भाजपा ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता कर निष्पक्ष जांच की मांग, कहा- दोषियों पर कार्रवाई हो, निर्दोषों को नहीं फंसाया जाए
टंडवा प्रखंड के बड़गांव में हुई मॉब लिंचिंग और नाबालिग दलित युवती के कथित अपहरण एवं दुष्कर्म मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने घटना के तीन दिन बाद गुरुवार को चतरा सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता कर अपनी चुप्पी तोड़ी। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष किशुन दास और भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव सिंह भोगता ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की।
पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने पर जताई आपत्ति
प्रदेश अध्यक्ष किशुन दास ने आरोप लगाया कि भाजपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने बड़गांव जा रहा था, लेकिन जिला प्रशासन ने उन्हें गांव जाने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना न्यायोचित नहीं है। प्रशासन को निष्पक्षता के साथ सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर देना चाहिए।
56 नामजद और 150 अज्ञात पर दर्ज प्राथमिकी पर उठाए सवाल
भाजपा नेताओं ने कहा कि मॉब लिंचिंग मामले में 56 लोगों को नामजद तथा 150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। उनका आरोप है कि इस कार्रवाई में कई निर्दोष लोगों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने अपराध किया है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई हो, लेकिन निर्दोष लोगों को बेवजह प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए।
दुष्कर्म मामले में भी कार्रवाई की मांग
प्रेसवार्ता में भाजपा नेताओं ने दावा किया कि नाबालिग दलित युवती के कथित अपहरण एवं दुष्कर्म मामले में नाम सामने आने के बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। उनका कहना था कि दोनों मामलों में निष्पक्ष और समान कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि लोगों का कानून पर भरोसा बना रहे।
पीड़ित परिवार को राहत देने की मांग
किशुन दास ने कहा कि पीड़िता के माता-पिता के जेल में रहने से परिवार के छोटे-छोटे बच्चों के सामने संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा मानवीय आधार पर माता-पिता में से किसी एक को राहत देने पर विचार करने की मांग की।
इधर, चार पुलिस कर्मियों पर गिरी गाज
इधर, बड़गांव मॉब लिंचिंग मामले की जांच के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में चतरा पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार की जांच रिपोर्ट के आधार पर दो पुलिस पदाधिकारियों समेत चार पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बताया गया कि जांच में कर्तव्यहीनता और ड्यूटी के निर्वहन में लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
भाजपा की प्रमुख मांगें
- पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
- निर्दोष लोगों को मुकदमे में नहीं फंसाया जाए।
- कथित दुष्कर्म मामले में भी त्वरित कानूनी कार्रवाई हो।
- पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।
- जनप्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार से मिलने से नहीं रोका जाए।
प्रेसवार्ता में मौजूद रहे
प्रेसवार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव सिंह भोगता, सांसद प्रतिनिधि विनय सिंह, गोबिंद तिवारी, शिवबालक सिंह, अक्षयवट पांडेय, ईश्वर पांडेय, महावीर साव सहित भाजपा के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
इस खबर को शेयर करें
0 अपनी राय दें (Comments)
अभी तक कोई कमेंट नहीं है। सबसे पहले अपनी राय दें!