ब्रेकिंग न्यूज़
होम » झारखण्ड

कोयला ढुलाई से पुराने पुलों पर बढ़ा दबाव, सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल

🎧
खबर सुनें (Audio News)
कोयला ढुलाई से पुराने पुलों पर बढ़ा दबाव, सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल
voiceofchatra.com
- Advertisement -
💻
Digital Computer Service A Complete Computer Shop
🖥️ नया एवं पुराना कंप्यूटर • लैपटॉप • प्रिंटर बिक्री एवं सभी प्रकार की कंप्यूटर रिपेयरिंग की सुविधा
प्रो. मो. फिरोज खान
📍 कॉलेज रोड, नगवां (सुरही मोड़), डी.सी. ऑफिस के नजदीक, चतरा

हेरू नदी से कटकमसांडी रेलवे साइडिंग तक भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने जताई चिंता

वैकल्पिक मार्ग की मांग, बोले— जनसुरक्षा से समझौता हुआ तो होगा व्यापक आंदोलन

चतरा | Voice of Chatra

चतरा की सड़कों से बड़े पैमाने पर हो रही कोयला ढुलाई अब केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि जनसुरक्षा का गंभीर मुद्दा बनती जा रही है। हेरू नदी से कटकमसांडी रेलवे साइडिंग तक के मार्ग पर स्थित करीब 12 पुलों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में कोयला लदे भारी वाहन गुजर रहे हैं। इनमें कई पुल पुराने बताए जा रहे हैं, जिससे उनकी क्षमता और सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ने लगी है।

सबसे अधिक चिंता हेरू नदी पर बने पुराने पुल को लेकर जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह पुल काफी पुराना है और वर्तमान में भारी वाहनों का लगातार दबाव झेल रहा है। लोगों को आशंका है कि समय रहते पुलों की स्थिति की जांच नहीं हुई तो भविष्य में गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। किसी प्रमुख पुल के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में आसपास के क्षेत्रों का आवागमन भी बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

सत्यानंद भोक्ता ने उठाया वैकल्पिक मार्ग का मुद्दा

झारखंड के पूर्व श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने हजारीबाग क्षेत्र के कोयले को चतरा की सार्वजनिक सड़कों से ले जाने की व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि भारी कोयला वाहनों के परिचालन के कारण आम राहगीरों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है और सड़क दुर्घटनाओं को लेकर लोगों में लगातार चिंता बनी हुई है।


उन्होंने संबंधित कंपनी से कोयला परिवहन के लिए अलग और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की मांग की। भोक्ता ने कहा कि आम लोगों की जिंदगी को जोखिम में डालकर कोयला परिवहन स्वीकार नहीं किया जा सकता। समस्या का समाधान नहीं होने पर जनहित में आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग पर भी उठ रहे सवाल

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कोयला ढुलाई में लगे कुछ भारी वाहनों की तेज रफ्तार और कथित ओवरलोडिंग से सड़कों पर खतरा बढ़ जाता है। लगातार अधिक ट्रिप लगाने की होड़ भी सड़क सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और स्थानीय ग्रामीणों को सबसे अधिक जोखिम उठाना पड़ता है।

अब लोगों की मांग है कि प्रशासन इस पूरे मार्ग पर स्थित पुलों की तकनीकी जांच, भारी वाहनों की भार क्षमता की निगरानी, ओवरलोडिंग पर कार्रवाई और गति नियंत्रण के लिए ठोस व्यवस्था करे।

पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने स्पष्ट किया कि चतरा की सड़कों पर लोगों की जान को खतरे में डालने वाली व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। उनका कहना है कि कोयला परिवहन जरूरी हो सकता है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी आम नागरिकों की सुरक्षा है।

अब निगाह प्रशासन और संबंधित कंपनी पर

लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और संबंधित कंपनी पुराने पुलों की सुरक्षा तथा भारी वाहनों के परिचालन को लेकर क्या कदम उठाते हैं। स्थानीय लोगों को किसी हादसे के बाद कार्रवाई नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले ठोस और स्थायी समाधान का इंतजार है।

- Advertisement -
💻
Digital Computer Service A Complete Computer Shop
🖥️ नया एवं पुराना कंप्यूटर • लैपटॉप • प्रिंटर बिक्री एवं सभी प्रकार की कंप्यूटर रिपेयरिंग की सुविधा
प्रो. मो. फिरोज खान
📍 कॉलेज रोड, नगवां (सुरही मोड़), डी.सी. ऑफिस के नजदीक, चतरा
🔖 सेव करने के लिए लॉगिन करें
Voice Of chatra

Voice Of chatra ✔ Verified

पद: AUTHORIZED REPORTER

यह खबर Voice Of chatra द्वारा तथ्यों की पुष्टि (Fact-checked) के बाद पब्लिश की गई है। इनकी सभी ख़बरें यहाँ पढ़ें »

इस खबर को शेयर करें

0 अपनी राय दें (Comments)

✍️

अभी तक कोई कमेंट नहीं है। सबसे पहले अपनी राय दें!

voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com voiceofchatra.com
ePaper News Header
✍️ रिपोर्ट: Voice Of chatra
दिनांक: 12 Jul 2026

कोयला ढुलाई से पुराने पुलों पर बढ़ा दबाव, सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल

कोयला ढुलाई से पुराने पुलों पर बढ़ा दबाव, सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल

हेरू नदी से कटकमसांडी रेलवे साइडिंग तक भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने जताई चिंता

वैकल्पिक मार्ग की मांग, बोले— जनसुरक्षा से समझौता हुआ तो होगा व्यापक आंदोलन

चतरा | Voice of Chatra

चतरा की सड़कों से बड़े पैमाने पर हो रही कोयला ढुलाई अब केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि जनसुरक्षा का गंभीर मुद्दा बनती जा रही है। हेरू नदी से कटकमसांडी रेलवे साइडिंग तक के मार्ग पर स्थित करीब 12 पुलों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में कोयला लदे भारी वाहन गुजर रहे हैं। इनमें कई पुल पुराने बताए जा रहे हैं, जिससे उनकी क्षमता और सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ने लगी है।

सबसे अधिक चिंता हेरू नदी पर बने पुराने पुल को लेकर जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह पुल काफी पुराना है और वर्तमान में भारी वाहनों का लगातार दबाव झेल रहा है। लोगों को आशंका है कि समय रहते पुलों की स्थिति की जांच नहीं हुई तो भविष्य में गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। किसी प्रमुख पुल के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में आसपास के क्षेत्रों का आवागमन भी बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

सत्यानंद भोक्ता ने उठाया वैकल्पिक मार्ग का मुद्दा

झारखंड के पूर्व श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने हजारीबाग क्षेत्र के कोयले को चतरा की सार्वजनिक सड़कों से ले जाने की व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि भारी कोयला वाहनों के परिचालन के कारण आम राहगीरों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है और सड़क दुर्घटनाओं को लेकर लोगों में लगातार चिंता बनी हुई है।


उन्होंने संबंधित कंपनी से कोयला परिवहन के लिए अलग और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की मांग की। भोक्ता ने कहा कि आम लोगों की जिंदगी को जोखिम में डालकर कोयला परिवहन स्वीकार नहीं किया जा सकता। समस्या का समाधान नहीं होने पर जनहित में आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग पर भी उठ रहे सवाल

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कोयला ढुलाई में लगे कुछ भारी वाहनों की तेज रफ्तार और कथित ओवरलोडिंग से सड़कों पर खतरा बढ़ जाता है। लगातार अधिक ट्रिप लगाने की होड़ भी सड़क सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और स्थानीय ग्रामीणों को सबसे अधिक जोखिम उठाना पड़ता है।

अब लोगों की मांग है कि प्रशासन इस पूरे मार्ग पर स्थित पुलों की तकनीकी जांच, भारी वाहनों की भार क्षमता की निगरानी, ओवरलोडिंग पर कार्रवाई और गति नियंत्रण के लिए ठोस व्यवस्था करे।

पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने स्पष्ट किया कि चतरा की सड़कों पर लोगों की जान को खतरे में डालने वाली व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। उनका कहना है कि कोयला परिवहन जरूरी हो सकता है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी आम नागरिकों की सुरक्षा है।

अब निगाह प्रशासन और संबंधित कंपनी पर

लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और संबंधित कंपनी पुराने पुलों की सुरक्षा तथा भारी वाहनों के परिचालन को लेकर क्या कदम उठाते हैं। स्थानीय लोगों को किसी हादसे के बाद कार्रवाई नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले ठोस और स्थायी समाधान का इंतजार है।

विज्ञापन (Advertisement)
📚 पत्रिका केंद्र
सभी विद्यालयों की किताबें • स्टेशनरी • बच्चों की खेल सामग्री थोक एवं खुदरा विक्रेता
📍 गर्ल्स हाई स्कूल के नजदीक, मेन रोड, चतरा 📞 95079 60783
ePaper News Footer