चतरा पहुंचे बोकारो रेंज के आईजी, लंबित कांडों से लेकर ड्रग्स कारोबार तक की ली जानकारी
अपराध नियंत्रण को लेकर अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, कहा- नेटवर्क तक पहुंचे पुलिस
चतरा: जिले में अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की प्रगति जानने के लिए बुधवार को बोकारो रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) शैलेन्द्र कुमार सिन्हा चतरा पहुंचे। पुलिस लाइन सभागार में उन्होंने जिले के पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में एक-एक कर लंबित कांडों की स्थिति देखी गई और अनुसंधान की रफ्तार बढ़ाने पर जोर दिया गया।
समीक्षा के दौरान आईजी ने खासकर संगठित अपराध और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामलों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि किन मामलों में जांच लंबित है और देरी की वजह क्या है। इस दौरान स्पष्ट किया गया कि बिना वजह किसी भी मामले को लंबा खींचना ठीक नहीं है। जांच पूरी कर समय पर आरोप पत्र दाखिल करने की दिशा में गंभीरता से काम करने को कहा गया।
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, पूरे गिरोह तक पहुंचे पुलिस
बैठक में अवैध अफीम की खेती और मादक पदार्थों की तस्करी का मुद्दा भी उठा। आईजी ने कहा कि कार्रवाई केवल छोटी गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जिन लोगों के इशारे पर पूरा कारोबार चल रहा है, उन्हें चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस को पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की जरूरत है, ताकि इस धंधे पर प्रभावी रोक लग सके।
अपराध से कमाई संपत्ति पर भी होगी कार्रवाई
समीक्षा बैठक में यह भी कहा गया कि गंभीर मामलों में शामिल आरोपियों की चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जाए। नियमानुसार जब्ती और कुर्की की कार्रवाई से अपराधियों पर आर्थिक दबाव बनाया जा सकता है। अधिकारियों को इस दिशा में भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और गश्त बढ़ाने पर जोर
आईजी ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने, अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने और संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त बढ़ाने को कहा। उनका मानना था कि पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से अपराध पर नियंत्रण के साथ लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत होता है।
समाज की भागीदारी भी जरूरी
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि नशे की समस्या केवल पुलिस की कार्रवाई से खत्म नहीं होगी। इसके लिए अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों को भी आगे आना होगा। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता सबसे जरूरी है और इसमें समाज की भागीदारी अहम भूमिका निभा सकती है।
बैठक में जिले के वरीय पुलिस पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे। कई मामलों की अलग-अलग समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
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