चतरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: लगभग एक करोड़ रुपये की अफीम व डोडा बरामद, एक तस्कर गिरफ्तार
चतरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ₹1 करोड़ की अफीम और डोडा बरामद, बिहार भेजने की थी तैयारी
चतरा पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुंदा थाना क्षेत्र के तेगम गांव में छापेमारी कर भारी मात्रा में अफीम और डोडा बरामद किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बरामद मादक पदार्थों की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊसाहब के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने तेगम गांव में कार्रवाई करते हुए 7.540 किलोग्राम अफीम तथा 293.900 किलोग्राम डोडा बरामद किया। मौके से जलेश कुमार (पिता- फुलेश्वर महतो), निवासी तेगम, थाना कुंदा को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने पलामू जिले के पांकी क्षेत्र के जंगलों में अवैध रूप से अफीम की खेती की थी। तैयार अफीम और डोडा को तेगम गांव में छिपाकर रखा गया था, जहां से इसकी खेप बिहार भेजने की तैयारी थी। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई कर तस्करी की इस बड़ी खेप को जब्त कर लिया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस धंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क, खरीद-बिक्री के संपर्कों और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है। उम्मीद है कि इस मामले में आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
चतरा पुलिस की यह कार्रवाई हाल के दिनों में मादक पदार्थों के खिलाफ सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है। इससे अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क को भी बड़ा झटका लगा है।
संपादकीय टिप्पणी
चतरा और आसपास के इलाके लंबे समय से अवैध अफीम की खेती और तस्करी जैसी समस्याओं से जूझते रहे हैं। ऐसे मामलों से न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि पूरे जिले की छवि पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। प्रशासन लगातार लोगों से अवैध खेती और नशे के कारोबार से दूर रहने की अपील करता रहा है, लेकिन कुछ लोग कम समय में अधिक पैसा कमाने की लालच में इस रास्ते को चुन लेते हैं।
यह समझना जरूरी है कि अवैध कमाई कुछ समय का लाभ दे सकती है, लेकिन इसका परिणाम अंततः गिरफ्तारी, सजा और परिवार के भविष्य पर गंभीर असर के रूप में सामने आता है। समाज और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक है कि लोग वैध आजीविका अपनाएं, प्रशासन का सहयोग करें और यदि कहीं अवैध अफीम की खेती या तस्करी की जानकारी मिले तो उसकी सूचना पुलिस को दें। नशामुक्त और अपराधमुक्त चतरा ही जिले की असली पहचान बन सकता है।
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